चले चलो कि जहाँ तक ये आसमान रहे ……..

vidur

 

मुंबई  –  महाराष्ट्र  –  भारत           जनवरी , 31 , 2016            रात्रि 10.50

 

———————————————————————
सफ़र की हद है वहां तक कि कुछ निशान रहे ,
चले चलो कि जहाँ तक ये आसमान रहे |
ये क्या उठाये कदम और आ गयी मंजिल ,
मज़ा तो तब है कि पैरों में कुछ थकान रहे |
वो शख्स मुझ को कोई जालसाज़ लगता हैं ,
तुम उसको दोस्त समझते हो फिर भी ध्यान रहे |

मुझे ज़मीं की गहराइयों ने दबा लिया ,
मैं चाहता था कि मेरे सर पे आसमान रहे |

अब अपने बीच मरासिम नहीं अदावत है ,
मगर ये बात हमारे ही दरमियाँ रहे |

सितारों की फसलें उगा ना सका कोई ,
मेरी ज़मीं पे कितने ही आसमान रहे |

वो एक सवाल है फिर उसका सामना होगा ,
दुआ करो कि सलामत मेरी ज़बान रहे ||

———————————————————————

 

Vidur Acting Institute Logo

विदुर

मुंबई  – महाराष्ट्र  – भारत

www.vidur.co.in

www.viduractinginstitute.com

www.facebook.com/vidur.chaturvedi

www.vidurfilms.com

www.youtube.com/ividur

www.twitter.com/VidurChaturvedi

google.com/+VidurChaturvedi

Advertisements

भारत की संस्कृति

vidur

मुंबई  –  महाराष्ट्र  –  भारत           जनवरी 24 , 2016           सायम् 07.40

 

 

📜अपने भारत की संस्कृति को पहचानें। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचायें।

खासकर अपने बच्चों को बताएं
क्योंकि ये बात उन्हें कोई नहीं बताएगा…

📜😇 दो पक्ष

===========

कृष्ण पक्ष ,
शुक्ल पक्ष !

📜😇 तीन ऋण

=============

देव ऋण ,
पितृ ऋण ,
ऋषि ऋण !

📜😇 चार युग

===============

सतयुग ,
त्रेतायुग ,
द्वापरयुग ,
कलियुग !

📜😇 चार धाम

===============

द्वारिका ,
बद्रीनाथ ,
जगन्नाथ पुरी ,
रामेश्वरम धाम !

📜😇 चारपीठ

===============

शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम )
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) ,
शृंगेरीपीठ !

📜😇 चार वेद

============

ऋग्वेद ,
अथर्वेद ,
यजुर्वेद ,
सामवेद !

📜😇 चार आश्रम

================

ब्रह्मचर्य ,
गृहस्थ ,
वानप्रस्थ ,
संन्यास !

📜😇 चार अंतःकरण

===============

मन ,
बुद्धि ,
चित्त ,
अहंकार !

📜😇 पञ्च गव्य

================

गाय का घी ,
गाय का दूध ,
गाय के दूध की दही ,
गोमूत्र ,
गोबर !

📜😇 पञ्च देव

============

गणेश ,
विष्णु ,
शिव ,
देवी ,
सूर्य !

📜😇 पंच तत्त्व

==============

पृथ्वी ,
जल ,
अग्नि ,
वायु ,
आकाश !

📜😇 छह दर्शन [ षड दर्शन ]

========================

वैशेषिक ,
न्याय ,
सांख्य ,
योग ,
पूर्व मीमांसा
दक्षिण मीमांसा !

📜😇 सप्त ऋषि

==================

विश्वामित्र ,
जमदाग्नि ,
भारद्वाज ,
गौतम ,
अत्रि  ,
वशिष्ठ ,
कश्यप!

📜😇 सप्त पुरी

===========

अयोध्या पुरी ,
मथुरा पुरी ,
माया पुरी ( हरिद्वार ) ,
काशी ,
कांची ( शिन कांची – विष्णु कांची ) ,
अवंतिका ( उज्जैन ) ,
द्वारिका पुरी !

📜😊 आठ योग [ अष्टांग योग ]

=========================

यम ,
नियम ,
आसन ,
प्राणायाम ,
प्रत्याहार ,
धारणा ,
ध्यान ,

समाधि !

📜😇 आठ लक्ष्मी

=================

आग्घ ,
विद्या ,
सौभाग्य ,
अमृत ,
काम ,
सत्य ,
भोग ,
योग लक्ष्मी !

📜😇 नव दुर्गा

================

शैल पुत्री ,
ब्रह्मचारिणी ,
चंद्रघंटा ,
कुष्मांडा ,
स्कंदमाता ,
कात्यायिनी ,
कालरात्रि ,
महागौरी ,
सिद्धिदात्री !

📜😇 दस दिशाएं

===============

पूर्व ,
पश्चिम ,
उत्तर ,
दक्षिण ,
ईशान कोण – ( पूर्व उत्तर कोण ) ,
नैऋत्य कोण – ( पूर्व दक्षिण कोण ) ,
वायव्य कोण – ( पश्चिम उत्तर कोण )  ,
अग्नि कोण – ( पश्चिम दक्षिण कोण ) ,
आकाश ,
पाताल !

📜😇 १० अवतार  [ दशावतार ]

=======================

मत्स्य ,
कच्छप ,
वराह ,
नरसिंह ,
वामन ,
परशुराम ,
श्री राम ,
श्री कृष्ण ,
बुद्ध ,
कल्कि !

📜😇 बारह मास [ द्वादश मास ]

=========================

चैत्र ,
वैशाख ,
ज्येष्ठ ,
अषाढ ,
श्रावण ,
भाद्रपद ,
अश्विन ,
कार्तिक ,
मार्गशीर्ष ,
पौष ,
माघ ,
फागुन !

📜😇 बारह राशि  [ द्वादश राशि ]

========================

मेष ,
वृषभ ,
मिथुन ,
कर्क ,
सिंह ,
कन्या ,
तुला ,
वृश्चिक ,
धनु ,
मकर ,
कुंभ ,
कन्या !

📜😇 बारह ज्योतिर्लिंग [ द्वादश ज्योतिर्लिंग ]

===================================

सोमनाथ ,
मल्लिकार्जुन ,
महाकाल ,
ओमकारेश्वर ,
बैजनाथ ,
रामेश्वरम ,
विश्वनाथ ,
त्र्यंबकेश्वर ,
केदारनाथ ,
घुष्नेश्वर ,
भीमाशंकर ,
नागेश्वर !

📜😇 पंद्रह तिथियाँ

==============

प्रतिपदा ,
द्वितीय ,
तृतीय ,
चतुर्थी ,
पंचमी ,
षष्ठी ,
सप्तमी ,
अष्टमी ,
नवमी ,
दशमी ,
एकादशी ,
द्वादशी ,
त्रयोदशी ,
चतुर्दशी ,
पूर्णिमा / अमावस्या !

📜😇 स्मृतियां

==========

मनु ,
विष्णु ,
अत्रि  ,
हारीत ,
याज्ञवल्क्य ,
उशना ,
अंगिरा ,
यम ,
आपस्तम्ब ,
सर्वत ,
कात्यायन ,
वृहस्पति ,
पराशर ,
व्यास ,
शांख्य ,
लिखित ,
दक्ष ,
शातातप ,
वशिष्ठ !

**********************

 

आजकल इंटरनेट के विभिन्न अंग-उपांगों पर कई आवश्यक सूचनाएं और लेख आदि उपलब्ध होते हैं / प्रेषित किये जाते हैं । जिन्हें हम पढ़ने  के बाद मिटा देते हैं । मैंने उन सारी सूचनाओं को इस ब्लॉग के माध्यम से संगृहीत करने का निश्चय किया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका लाभ उठाया जा सके । प्रस्तुत ब्लॉग इसी प्रकार का है । यह मेरा मूलतः लिखित ब्लॉग नहीं है ।

व्हाट्सऐप से साभार उद्धृत

 

Vidur Acting Institute Logo

विदुर

मुंबई  – महाराष्ट्र  – भारत

www.vidur.co.in

www.viduractinginstitute.com

www.facebook.com/vidur.chaturvedi

www.vidurfilms.com

www.youtube.com/ividur

www.twitter.com/VidurChaturvedi

google.com/+VidurChaturvedi

किसान का गधा : आगे बढ़ते जाना है !!

vidur

 

मुंबई  –  महाराष्ट्र  –  भारत           जनवरी , 10 , 2016           प्रातः 11.45

 

एक दिन एक किसान का गधा कुएँ में गिर गया । वह गधा घंटों ज़ोर -ज़ोर से रोता रहा और किसान सुनता रहा और विचार करता रहा कि उसे क्या करना चाहिऐ और क्या नहीं। अंततः उसने निर्णय लिया कि चूंकि गधा काफी बूढा हो चूका था, अतः उसे बचाने से कोई लाभ होने वाला नहीं था; और इसलिए उसे कुएँ में ही दफना देना चाहिऐ।
किसान ने अपने सभी पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया। सभी ने एक-एक फावड़ा पकड़ा और कुएँ में मिट्टी डालनी शुरू कर दी। जैसे ही गधे कि समझ में आया कि यह क्या हो रहा है , वह और ज़ोर-ज़ोर से चीख़ चीख़ कर रोने लगा । और फिर , अचानक वह आश्चर्यजनक रुप से शांत हो गया।


सब लोग चुपचाप कुएँ में मिट्टी डालते रहे। तभी किसान ने कुएँ में झाँका तो वह आश्चर्य से सन्न रह गया। अपनी पीठ पर पड़ने वाले हर फावड़े की मिट्टी के साथ वह गधा एक आश्चर्यजनक हरकत कर रहा था। वह हिल-हिल कर उस मिट्टी को नीचे गिरा देता था और फिर एक कदम बढ़ाकर उस पर चढ़ जाता था।


जैसे-जैसे किसान तथा उसके पड़ोसी उस पर फावड़ों से मिट्टी गिराते वैसे -वैसे वह हिल-हिल कर उस मिट्टी को गिरा देता और एस सीढी ऊपर चढ़ आता । जल्दी ही सबको आश्चर्यचकित करते हुए वह गधा कुएँ के किनारे पर पहुंच गया और फिर कूदकर बाहर भाग गया।


ध्यान रखे, आपके जीवन में भी आप पर बहुत तरह की मिट्टी फेंकी जायेगी , बहुत तरह की गंदगी आप पर गिरेगी। जैसे कि , आपको आगे बढ़ने से रोकने के लिए कोई बेकार में ही आपकी आलोचना करेगा , कोई आपकी सफलता से ईर्ष्या के कारण आपको बेकार में ही भला बुरा कहेगा । कोई आपसे आगे निकलने के लिए ऐसे रास्ते अपनाता हुआ दिखेगा जो आपके आदर्शों के विरुद्ध होंगे। ऐसे में आपको हतोत्साहित होकर कुएँ में ही नहीं पड़े रहना है बल्कि साहस के साथ हिल-हिल कर हर तरह कि गंदगी को गिरा देना है और उससे सीख लेकर, उसे सीढ़ी बनाकर, बिना अपने आदर्शों का त्याग किये अपने कदमों को आगे बढ़ाते जाना है ।

[ श्री  Shoeb Chishti  के फेसबुक से साभार उद्धृत ]

 

Vidur Acting Institute Logo


विदुर

मुंबई  – महाराष्ट्र  – भारत

www.vidur.co.in

www.viduractinginstitute.com

www.facebook.com/vidur.chaturvedi

www.vidurfilms.com

www.youtube.com/ividur

www.twitter.com/VidurChaturvedi

google.com/+VidurChaturvedi