जीवन विफलताओं से भरा है

DSC06375
देवरिया  –  उत्तर प्रदेश  –  भारत           जून 28 , 2013           सायम्  07.20

 …………………..जीवन विफलताओं से भरा है …………………….

सफलताएँ जब कभी आईं निकट,
दूर ठेला है उन्हें निज मार्ग से ।
तो क्या वह मूर्खता थी ?
नहीं ।
सफलता और विफलता की
परिभाषाएँ भिन्न हैं मेरी !
इतिहास से पूछो कि वर्षों पूर्व
बन नहीं सकता प्रधानमन्त्री क्या ?
किन्तु मुझ क्रान्ति-शोधक के लिए
कुछ अन्य ही पथ मान्य थे, उद्दिष्ट थे,
पथ त्याग के, सेवा के, निर्माण के,
पथ-संघर्ष के, सम्पूर्ण-क्रान्ति के ।
जग जिन्हें कहता विफलता
थीं शोध की वे मंज़िलें ।
मंजिलें वे अनगिनत हैं,
गन्तव्य भी अति दूर है,
रुकना नहीं मुझको कहीं
अवरुद्ध जितना मार्ग हो ।
निज कामना कुछ है नहीं
सब है समर्पित ईश को ।
तो, विफलताओं पर तुष्ट हूँ अपनी,
और यह विफल जीवन
शत–शत धन्य होगा,
यदि समानधर्मा प्रिय तरुणों का
कण्टकाकीर्ण मार्ग
यह कुछ सुगम बन जावे

……………………….. जय प्रकाश नारायण ……………………….

श्री जय प्रकाश नारायण की कविता –  साभार उद्धृत

FULL EDITNG STUDIO

NEWS LETTER

विदुर

मुंबई  – महाराष्ट्र  – भारत

www.vidur.co.in

www.kreatingcharakters.net

www.facebook.com/VidursKreatingCharacters

www.facebook.com/vidur.chaturvedi

www.vidurfilms.com

www.youtube.com/ividur

www.twitter.com/VidurChaturvedi

www.jaibhojpuri.com/profile/VidurChaturvedi

रफ़्ता – रफ़्ता वो मेरी हस्ती का सामाँ हो गए …..

DSC06375

मुंबई  –  महाराष्ट्र  –  भारत           जून 13 , 2013            सायम् 07.00

रफ़्ता – रफ़्ता  वो मेरी हस्ती का सामाँ हो गए ,

पहले जाँ, फिर जान – ए  – जाँ , फिर जान – ए – जाना हो गए ।

दिन – ब  – दिन  बढती गयी इस हुस्न की रानाइयाँ ,

पहले गुल,  फिर गुल बदन, फिर गुल – ब – दामाँ  हो गए ।

आप तो नज़दीक से नज़दीक तर आते गए ,

पहले दिल, फिर दिलरुबा, फिर दिल के मेहमाँ हो गए ।

प्यार जब हद से बढ़ा सारे तकल्लुफ मिट गए ,

आप से फिर तुम हुए , फिर तू का उन्वाँ  हो गए ।

…………………… तसनीम फ़ाज़ली ……………………..

FULL EDITNG STUDIO

NEWS LETTER

विदुर

मुंबई  – महाराष्ट्र  – भारत

www.vidur.co.in

www.kreatingcharakters.net

www.facebook.com/VidursKreatingCharacters

www.facebook.com/vidur.chaturvedi

www.vidurfilms.com

www.youtube.com/ividur

www.twitter.com/VidurChaturvedi

www.jaibhojpuri.com/profile/VidurChaturvedi